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जिंदगी और वक्त – एक कहानी

आजतक अगर अपने किसी से कहा है की आपका बहुत ही बुरा वक्त चल रहा है , इससे बुरा वक्त तो आज तक आपके लाइफ में नहीं आया तो टाइम कैसे बदल जाता है यही बताऊंगा आपको , मैं प्रकाश द्विवेदी standupyouths.com पर आपको एक छोटी से कहानी बताता हूँ. पढ़िएगा जरूर |

एक बार एक मूर्तिकार जंगल से जा रहा था , और ये जो मूर्तिकार / आर्टिस्ट टाइप के लोग होते हैं न उनके दिमाक में हमेशा कुछ न कुछ नया करने या खोजने की कोशिश होती है |

मूर्तिकार ने एक पथ्थर देखा , देखते ही सोचा की इससे मूर्ति बन सकती है फिर वहीँ रुका और अपने थैले से मूर्ति बनाने हेतु प्रयोग किए जाने वाले औजार निकाला , जैसे ही वो अपने औजार से उस पथ्थर पर चोट करने ही वाला होता है , पथ्थर से आवाज आती है की ” हे मूर्तिकार आप कृपया मुझे मत मारिये ” , मूर्तिकार रुक जाता है आसपास देखता है वहाँ कोई भी नहीं दिखाई देता है तो वो फिर से दुबारा चोट करने को औजार उठाता है तो दुबारा वही सुनाई देता है की , ” हे ! मूर्तिकार आप कृपया मुझे मत मारिये मुझे छोड़  दीजिये तो फिर मूर्तिकार डर जाता है और आगे की ओर बढ़ जाता है , काफी आगे आने  पर उसे दुबारा एक सुन्दर पथ्थर दिखाई देता है और वो सोचता है की इससे तो बहुत ही अधिक सुन्दर मूर्ति बनाई जा सकती है

तो वह मूर्ति बनाने का औजार निकालता है और  प्रहार करता है लेकिन इस बार पथ्थर से कोई आवाज नहीं आती तो वह उस पथ्थर से  सुन्दर सी मूर्ति बना देता है और सोचता है की मूर्ति तो बहुत ही बड़ी और भारी है , मुझे अकेले से नहीं जाएगी , अगली बार जब आऊंगा तो 4-5 लोगों को लेकर आऊंगा और इस मूर्ति को ले जाऊंगा , और फिर आगे बढ़ गया , जंगल पार करके मूर्तिकार गांव में पहुंचा | गांव वालों ने उस मूर्तिकार का स्वागत सत्कार किया और कहा की तुम्हारा ही इंतज़ार था|

हमारे गांव की मंदिर तो बन गयी है किन्तु अभी तक मूर्ति स्थापना नहीं हुई है | अब आप मूर्ति बनाईये | मूर्तिकार ने तुरंत बोला की नयी मूर्ति बनाने की जरुरत ही क्या है जब मै जंगल से आ रहा था तो वह सुन्दर पथ्थर दिखाई दिया मैंने उससे ही मूर्ति बना दी है 3-4 लोग मेरे साथ जंगल में चलें और मूर्ति लेकर आएं तो गांव के 3-4 जाने को तैयार हुए और जंगल की ओर प्रस्थान कर गए , मूर्ति तक पहुंच कर उसे गांव ले आये और धूम धाम से मूर्ति की स्थापना हुई | अब गांव वालो को एक और पथ्थर की जरुरत पड़ी , गांव वालों ने मूर्तिकार से बोला की , ” नारियल फोड़ने के लिए भी तो पथ्थर चाहिए | “. मूर्तिकार ने बोला की आपकी ये समस्या भी ख़त्म हुई , फिर से वो 3-4 लोगो को लेकर जंगल गया और पहले वाले पथ्थर को गांव लेकर आये |

अब वही दोनों पथ्थर जो एक साथ जंगल में थे , वो एक ही वक्त पर एक ही जगह पर आ गए , वह जगह थी ” मंदिर ” | लेकिन अफसोस की एक पथ्थर की पूजा की जा रही थी , आरती की जा रही थी , सुन्दर कपड़ो से उसकी सजावट की जा रही थी , लेकिन दूसरे पथ्थर पर नारियल फोड़े जा रहे थे , जिस पर नारियल फोड़े जा रहे थे उस पथ्थर ने जिसकी पूजा की जा रही थी , वो जो अब एक पथ्थर से मूर्ति बन चुका था , से पूछा , ” तुम्हारी तो बहुत ही अच्छी  किस्मत है , बड़ी पूजा की जा रही है , आरती की जा रही है , रंगीन कपड़ो से सजाया जा  रहा है , मजा आ रहा होगा न ? ” | तब पूजे जाने वाले पथ्थर से दुसरे पथ्थर से कहा की तुमने भी उस दिन अगर पहला प्रहार सह लिया होता तो आज तुम्हारी भी पूजा की जा  रही होती , जिंदगी संघर्ष बस यही है , संघर्ष का दौर है चला जायेगा आप इससे बाहर निकल आएंगे , बहुत जल्दी |

standupyouths.com आपसे अनुग्रह करता है , ” जिंदगी के दबाव में आना बंद करिये ,
मुस्कुराते चलिए हर वक्त , आप वो कर दिखाएंगे जो दुनिया करना चाहेगी |

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